• Sat. Feb 21st, 2026

गाेसेवा ट्रस्ट के नाम पर खाता खुलवाकर ऑनलाइन ठगे 21 करोड़, दो गिरफ्तार

ByVijay Singhal

Sep 15, 2025
Spread the love
हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। भारतीय स्टेट बैंक की कैंट शाखा में गोसेवा ट्रस्ट के नाम से खाता खुलवाकर साइबर ठगों ने ऑनलाइन 21 करोड़ रुपये की ठगी कर डाली। इसके बाद सात लाख रुपये को छोड़कर बाकी रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर भी कर ली। शनिवार रात दो ठगों को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। नेशनल साइबर क्राइम रिकॉर्ड पोर्टल (एनसीआरपी) पर भारतीय स्टेट बैंक की कैंट शाखा में संचालित एक बैंक खाते के माध्यम से ऑनलाइन धोखाधड़ी किए जाने की 141 शिकायतें दर्ज हुईं थीं। ये शिकायतें बीते 10 दिन में आगरा, अलीगढ़ के साथ ही राजस्थान, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु समेत देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों से आईं थीं। साइबर थाना पुलिस मथुरा ने बैंक जाकर जांच की तो पता चला कि यह खाता 27 अगस्त 2025 को शिव गौरा गोसवा ट्रस्ट मथुरा के नाम से तीन लोगों ने संयुक्त नाम से खुलवाया गया था। इसमें मथुरा के गौतम उपाध्याय निवासी लक्ष्मीपुरम कॉलोनी, शिवम कुमार और गोविंद कुमार निवासीगण सुंदरवन, बालाजीपुरम के नाम दर्ज थे। जांच में पता चला कि 4 से 6 सितंबर के बीच देश भर के अलग-अलग खातों से करीब 21 करोड़ रुपये इस खाते में आए। इसमें से करीब 20.93 करोड़ रुपये की धनराशि अन्य खातों में ट्रांसफर कर निकाल ली गई। खाते में केवल 7 लाख रुपये ही शेष थे, जिसे पुलिस ने होल्ड करा दिया। शनिवार रात 12 बजे के करीब पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर ठगी को अंजाम देने वाले गैंग में शामिल दो ठगों को बाद स्थित बरेली हाईवे कट से गिरफ्तार कर लिया है। साइबर थाना प्रभारी प्रमोद कुमार ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में गौतम उपाध्याय थाना हाईवे की लक्ष्मीपुरम कॉलोनी का निवासी है और बलदेव सिंह बलदेव थाना क्षेत्र के गांव नगला बैर का निवासी है। आरोपी बलदेव दिव्यांग है और वर्तमान में लक्ष्मीपुरम कॉलोनी में ही रह रहा था। पूछताछ में गैंग के अन्य सदस्यों के नाम भी आरोपियों ने पुलिस को बताए हैं, जिनकी तलाश जारी है। दोनों आरोपियों के खिलाफ साइबर थाने पर केस भी दर्ज किया गया है।
7455095736
Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published.