हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिघल
मथुरा। जिला योजना में भले ही कई विभागों पर शासन मेहरबान रहा हो लेकिन 46 विभाग और सेक्टर वार योजनाओं में से 13 विभागों को आगामी वित्तीय वर्ष के लिए कोई भी धनराशि आवंटित नहीं की गई। जिसके कारण इन विभागों में आगामी वित्तीय वर्ष में विकास की योजनाएं फिलहाल थम गई हैं। वह अब अपने ही विभाग के स्रोतों से संचालित होने वाली योजनाओं पर काम करेंगे। दरअसल आगामी वित्तीय वर्ष के लिए केवल कुछ एक विभागों को छोड़ दें तो सभी विभागों ने अपने-अपने क्षेत्र में होने वाले विकास कार्यों के लिए शासन से धनराशि मांगी थी लेकिन शासन ने अपनी प्राथमिकताओं के आधार पर जिले के 13 विभागों की मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया। इन विभागों में सिंचाई एवं जल संसाधन, भूमि सुधार, पंचायती राज विभाग, सामुदायिक विकास ग्राम्य, राजकीय लघु सिंचाई, गन्ना विभाग, रेशम उद्योग, खेल कूद विभाग, अस्पताल औषधालयों में विशिष्ट सुविधाएं, यूनानी चिकित्सा, पूल्ड आवास योजना, जनजाति कल्याण और बाल विकास एवं पुष्टाहार शामिल हैं।
जिला पंचायती राज अधिकारी किरण चौधरी ने बताया कि उन्होंने 50 पंचायतों में पंचायत भवन तैयार करने के लिए धनराशि का प्रस्ताव भेजा था लेकिन इसके लिए कोई भी बजट स्वीकृत नहीं हुआ है। वहीं जिला कार्यक्रम अधिकारी अभिनव मिश्रा ने बताया कि बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ने जिला योजना में कोई मांग नहीं की थी।
जिला पंचायत और नगर निकायों से 63713.44 लाख मिलेंगे।
जिला योजना में विभिन्न विभागों में खर्च होने वाली धनराशि में जिन संशाधनों से धनराशि प्राप्त होेनी है उनमें प्रमुख रूप से क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत, नगर निगम और नगर पालिका मुख्य हैं। क्षेत्र पंचायत से 523.44 लाख, जिला पंचायत से 16222.95 लाख, नगर निगम से 9195.93 लाख तथा नगर पालिका से 637.12 लाख, नगर पंचायत से 4720 लाख की धनराशि जिला योजना के लिए आंकलित की गई है। जबकि राज्य के अन्य संशाधनों से 32414 लाख की धनराशि जिला योजना के लिए संसाधन के रूप में आंकलित हुए हैं।
7455095736
Author: Vijay Singhal
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