हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। 18 साल पहले थाना जमुनापार के नगला राना सिहोरा में हुए झगड़े में दोनों पक्षों के 12 लोगों को अपर सत्र न्यायाधीश अवनीश कुमार पांडेय की न्यायालय ने दोषी ठहराते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई है। इनकी जमानत रद्द कर न्यायालय ने सभी सजा भुगतने के लिए भेज दिया।
15 अप्रैल 2005 को हरवीर और डिप्टी पक्ष के मध्य झगड़ा हुआ था। लाठी-डंडे, धारदार हथियार, तमंचा और बंदूक लेकर एक-दूसरे के ऊपर हमला बोल दिया था। इसके अलावा फायरिंग में कई लोग घायल हो गए थे। पोहकर का एक हाथ अलग हो गया था। शासन की तरफ से मुकदमे की पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ब्रजेश कुंतल ने बताया कि हरवीर सिंह ने बहादुर सिंह, डिप्टी, श्यामू, प्रहलाद, बच्चू, गिर्राज, शिवराम और हरेंद्र के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। दूसरा मुकदमा डिप्टी ने हरवीर सिंह, राकेश, गोकुल, सूखा, संजय, पोहकर, रामकिशोर और विजय के विरुद्ध दर्ज कराया था। पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध के न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया। मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश अवनीश कुमार पांडेय के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने एक पक्ष के बहादुर, डिप्टी, श्यामू और प्रह्लाद को दोषी ठहराया। दूसरे पक्ष के हरवीर, राकेश, गोकुल, सूखा, संजय, राम किशोर, पोहकर और विजय को भी दोषी पाया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ब्रजेश कुंतल ने बताया, सभी जमानत पर छूटे हुए थे। जमानत को रद्द कर सभी दोषियों को सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया। अन्य आरोपियों की सुनवाई के वक्त मौत हो गई।
15 अप्रैल 2005 को हरवीर और डिप्टी पक्ष के मध्य झगड़ा हुआ था। लाठी-डंडे, धारदार हथियार, तमंचा और बंदूक लेकर एक-दूसरे के ऊपर हमला बोल दिया था। इसके अलावा फायरिंग में कई लोग घायल हो गए थे। पोहकर का एक हाथ अलग हो गया था। शासन की तरफ से मुकदमे की पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ब्रजेश कुंतल ने बताया कि हरवीर सिंह ने बहादुर सिंह, डिप्टी, श्यामू, प्रहलाद, बच्चू, गिर्राज, शिवराम और हरेंद्र के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। दूसरा मुकदमा डिप्टी ने हरवीर सिंह, राकेश, गोकुल, सूखा, संजय, पोहकर, रामकिशोर और विजय के विरुद्ध दर्ज कराया था। पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध के न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया। मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश अवनीश कुमार पांडेय के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने एक पक्ष के बहादुर, डिप्टी, श्यामू और प्रह्लाद को दोषी ठहराया। दूसरे पक्ष के हरवीर, राकेश, गोकुल, सूखा, संजय, राम किशोर, पोहकर और विजय को भी दोषी पाया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ब्रजेश कुंतल ने बताया, सभी जमानत पर छूटे हुए थे। जमानत को रद्द कर सभी दोषियों को सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया। अन्य आरोपियों की सुनवाई के वक्त मौत हो गई।
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Author: Vijay Singhal
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