हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के तहत कृत्रिम गर्भाधान और टीकाकरण के लिए जिला स्तर पर कुल 105 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन आवेदनों के सत्यापन के लिए फरह स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय धाना तेजा में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन. एन. शुक्ला ने बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि फरह ब्लॉक से प्राप्त 14 आवेदनों के सत्यापन हेतु आवेदकों को बुलाया गया और उनके प्रपत्रों की गहन जांच की गई। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि पशुओं की नस्ल सुधार, उत्पादन क्षमता में वृद्धि, बीमारियों की रोकथाम और आधुनिक पद्धतियों के प्रसार के लिए कृत्रिम गर्भाधान एवं टीकाकरण अत्यंत आवश्यक हैं। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सकीय सहायता को स्थानीय स्तर पर तुरंत उपलब्ध कराना है।इस उद्देश्य से विभाग ने ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए थे, जिसके परिणामस्वरूप कुल 105 आवेदन प्राप्त हुए। डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने फरह ब्लॉक के आवेदनों का सघन सत्यापन किया और वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन किया। निरीक्षण के बाद तैयार की गई विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर अंतिम चयन किया जाएगा। पशुचिकित्साधिकारी धाना तेजा डॉ. उत्तम सिंह ने बताया कि चयनित आवेदकों पर आधुनिक तकनीकों के माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान की पद्धति अपनाई जाएगी। इसके साथ ही पशुओं के नियमित टीकाकरण और पशु चिकित्सकों के समयबद्ध दौरे भी सुनिश्चित किए जाएंगे।अधिकारियों ने इस पहल को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया। पशुपालन किसानों की आय का प्रमुख साधन है, और स्वस्थ पशुओं से दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
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Author: Vijay Singhal
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